सैमसंग अपने स्मार्टफोन्स के कैमरा एक्सपीरियंस को बेहतर बनाने के लिए एक नई इमेज सेंसर टेक्नोलॉजी पर काम कर रही है। हालिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कंपनी ऐसा कैमरा सेंसरबना रही है जो मोशन ब्लर और शटर लैग जैसी पुरानी समस्याओं को काफी हद तक कम कर सकता है। यह टेक्नोलॉजी आने वाले Galaxy S-series स्मार्टफोन्स में देखने को मिल सकता है।
नया सेंसर कैसे काम करेगा
अभी तक ज्यादातर स्मार्टफोन कैमरे “रोलिंग शटर” सिस्टम का इस्तेमाल करते हैं। इसमें इमेज एक साथ कैप्चर होने की बजाय लाइन-दर-लाइन रिकॉर्ड होती है। जब सब्जेक्ट तेज़ी से मूव करता है, तो फोटो में ब्लर या डिस्टॉर्शन नजर आता है।
सैमसंग जिस नए सेंसर पर काम कर रही है, वह इसी कमी को दूर करने की कोशिश करता है।
इस सेंसर में पिक्सल्स के अंदर ही एनालॉग-टू-डिजिटल कन्वर्टर लगाया गया है, जिससे डेटा को बहुत तेज़ी से पढ़ा जा सकता है। स्पेस की समस्या को हल करने के लिए चार पिक्सल्स को एक 2×2 ग्रुप में रखा गया है, जो एक ही कन्वर्टर शेयर करते हैं। इस डिजाइन से सेंसर का साइज स्मार्टफोन के लिए उपयुक्त बना रहता है।
एल्गोरिदम से डिस्टॉर्शन का समाधान
क्योंकि हर 2×2 पिक्सल ग्रुप अलग-अलग काम करता है, इसलिए थोड़ा बहुत डिस्टॉर्शन अभी भी रह सकता है। इसी को ठीक करने के लिए सैमसंग नए मोशन-कंपनसेशन एल्गोरिदम पर भी काम कर रही है। यह सॉफ्टवेयर लेवल पर मूवमेंट को एनालाइज करके फाइनल फोटो को ज्यादा नैचुरल और क्लियर बनाने में मदद करता है।
Galaxy यूज़र्स के लिए इसका क्या मतलब है
अगर यह टेक्नोलॉजी सफल होती है, तो फास्ट-मूविंग सब्जेक्ट्स जैसे बच्चों, पालतू जानवरों या स्पोर्ट्स सीन की फोटोग्राफी बेहतर हो सकती है। शटर लैग कम होगा और एक्शन शॉट्स ज्यादा शार्प आ सकते हैं।
फिलहाल रिपोर्ट्स के अनुसार यह सेंसर 12MP रिज़ॉल्यूशन तक सीमित है, इसलिए शुरुआत में इसे सेकेंडरी कैमरा के तौर पर इस्तेमाल किया जा सकता है।
लॉन्च और कीमत को लेकर स्थिति
अभी सैमसंग ने इस सेंसर की कोई आधिकारिक लॉन्च टाइमलाइन या कीमत कन्फर्म नहीं की है। यह टेक्नोलॉजी अभी डेवलपमेंट स्टेज में है और आने वाले समय में Galaxy S-series के नए मॉडल्स में देखने को मिल सकती है।

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